हम सभी को कभी न कभी बुखार होता ही है। यह शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है जो किसी संक्रमण या बीमारी से लड़ने का संकेत देती है। हालांकि, तेज बुखार असहज और चिंताजनक हो सकता है।
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बुखार क्या है (What is Fever)?
शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक होना एक बुखार (Fever) है। आमतौर पर, हमारा शरीर का तापमान 98.6°F (37°C) के आसपास रहता है। लेकिन जब कोई संक्रमण या बीमारी होती है, तो शरीर का तापमान बढ़ सकता है। यह वृद्धि रोगाणुओं (pathogens) के विकास को रोकने और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को मजबूत करने में मदद करती है।
बुखार के सामान्य लक्षण (Common Symptoms of Fever)
बुखार (Fever) के अलावा, आपको निम्न लक्षणों का भी अनुभव हो सकता है:
ठंड लगना (Feeling Chilly): भले ही आप गर्म कमरे में हों, फिर भी आपको ठंड लग सकती है और कंपकपी (shivering) भी हो सकती है।
तेज़ दिल की धड़कन: बुखार के कारण कभी-कभी दिल की धड़कन तेज़ हो जाती हैं।
चिड़चिड़ापन: बुखार इंसानों को, खासकर छोटे बच्चों को चिड़चिड़ा बना देता है।
पसीना आना (Sweating): जैसे-जैसे आपका शरीर का तापमान बढ़ता है, आप अधिक पसीना आने का अनुभव कर सकते हैं।
मांसपेशियों में दर्द (Muscle aches): बुखार के कारण मांसपेशियों में दर्द और अकड़न (stiffness) हो सकती है।
कमजोरी और थकान (Weakness and Fatigue): आप असामान्य रूप से थका हुआ और कमजोर महसूस कर सकते हैं।
सिरदर्द (Headache): बुखार के साथ सिरदर्द होना आम है।
भूख कम लगना (Loss of Appetite): आपको भूख कम लग सकती है और खाने का मन नहीं कर सकता है।
बुखार के कारण (Causes of Fever)

बुखार (Fever) कई कारणों से हो सकता है, जिनमें सबसे आम हैं:
संक्रमण (Infection): बुखार का सबसे आम कारण संक्रमण है, जैसे कि वायरल संक्रमण (viral infection), बैक्टीरियल संक्रमण (bacterial infection), फंगल संक्रमण (fungal infection), या परजीवी संक्रमण (parasitic infection)।
सूजन (Inflammation): चोट लगने या किसी बीमारी के कारण शरीर में सूजन होने पर भी बुखार आ सकता है।
ऑटोइम्यून रोग (Autoimmune Rog): कभी-कभी, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों पर हमला कर देती है, जिससे सूजन और बुखार हो सकता है।
कैंसर (Cancer): कुछ प्रकार के कैंसर भी बुखार का कारण बन सकते हैं।
टीकाकरण (Vaccination): टीकाकरण के बाद हल्का बुखार आना सामान्य है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की प्रतिक्रिया है।
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बच्चों में बुखार (Fever in Children)
बच्चों में बुखार (Fever) होना आम बात है। ज्यादातर मामलों में, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता है। हालांकि, माता-पिता को यह जानना जरूरी है कि कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
शिशुओं में बुखार (Fever in Infants): 3 महीने से कम उम्र के शिशुओं में 100.4°F (38°C) से अधिक का बुखार गंभीर हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बच्चों में बुखार (Fever in Children): 3 महीने से बड़े बच्चों के लिए, आप उन्हें बुखार कम करने वाली दवाएं दे सकते हैं, जैसे कि पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन (बशर्ते डॉक्टर ने उन्हें लेने की सलाह दी हो)।
स्पंज स्नान (Sponge Bath): आप गुनगुने पानी में स्पंज को भिगोकर बच्चे के शरीर को पोंछ सकते हैं। बहुत ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें।
बुखार का मापन (Measuring Fever)
अपने शरीर का तापमान मापने के लिए कई थर्मामीटर (thermometer) उपलब्ध हैं।
- डिजिटल थर्मामीटर (Digital Thermometer): यह सबसे आम और उपयोग में आसान थर्मामीटर है। इसे मुंह, बगल, या मलाशय (Rectum) में रखा जा सकता है।
- मौखिक थर्मामीटर (Oral Thermometer): यह मुंह के नीचे रखा जाता है। हालांकि, यह छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि वे इसे चबा सकते हैं या मुंह से बाहर निकाल सकते हैं।
- एक्सिलरी थर्मामीटर (Axillary Thermometer): यह बगल के नीचे रखा जाता है। यह अन्य तरीकों की तुलना में थोड़ा कम सटीक होता है।
- रेक्टल थर्मामीटर (Rectal Thermometer): यह मलाशय में डाला जाता है। यह शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए सबसे सटीक तरीका है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए (When to See a Doctor)

कुछ मामलों में, बुखार (Fever) के साथ डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। निम्नलिखित स्थितियों में देर न करें:
- शिशुओं में तेज बुखार (High Fever in Infants): 3 महीने से कम उम्र के शिशुओं में 100.4°F (38°C) से अधिक का बुखार।
- बच्चों में तेज बुखार (High Fever in Children): 3 महीने से 3 साल के बच्चों में 102.2°F (39°C) से अधिक का बुखार या 3 साल से बड़े बच्चों में 103°F (39.4°C) से अधिक का बुखार जो 3 दिनों से ज्यादा बना रहे।
- गंभीर लक्षण (Severe Symptoms): तेज सिरदर्द, गर्दन में अकड़न (stiff neck), सांस लेने में तकलीफ, उल्टी या दस्त, चकत्ते (rashes), भ्रम (confusion), या प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (sensitivity to light) जैसे गंभीर लक्षणों का अनुभव होना।
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Weak Immune System): यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, जैसे कि एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) या कैंसर के उपचार के कारण, तो किसी भी बुखार के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
- चोट लगना या काटना (Injury or Bite): यदि आपको चोट लगी है या किसी जानवर ने काटा है, तो बुखार संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
बुखार का घरेलू उपचार (Home Remedies for Fever)

अगर आपका बुखार बहुत अधिक नहीं है, तो आप कुछ घरेलू उपचार करके इसे कम करने की कोशिश कर सकते हैं। ये उपचार बुखार को जल्दी ठीक करने में मदद नहीं करते, लेकिन वे आपको अधिक आरामदायक महसूस करा सकते हैं। हल्के बुखार (Fever) के लिए, आप कुछ घरेलू उपचारों का इस्तेमाल करके आराम पा सकते हैं:
- आराम करें (Get Rest): बुखार होने पर शरीर को आराम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जितना हो सके बिस्तर पर आराम करें और शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद दें। पर्याप्त आराम शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद करता है।
- पर्याप्त नींद लें।
- किताब पढ़ें या हल्का संगीत सुनें।
- स्क्रीन के समय को सीमित करें।
- जरूरी कामों को छोड़कर बाकी सब कुछ टाल दें।
2. ज्यादा तरल पदार्थ पिएं (Drink Plenty of Fluids): बुखार के कारण शरीर से तरल पदार्थ निकल जाते हैं, इसलिए खूब सारा पानी, शोरबा (broth), या इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ पिएं।
3. हल्का कपड़ा पहनें (Wear Light Clothing): गरम कपड़े पहनने से शरीर का तापमान और बढ़ सकता है। इसलिए, बुखार के दौरान सूती या ढीले-ढाले कपड़े पहनें जो पसीने को सोख सकें। भारी कपड़े शरीर का तापमान और बढ़ा सकते हैं। सूती कपड़े पहनें जो हवादार हों।
4. शरीर को ठंडा स्पंज करें (Cool Sponge Bath): ठंडे पानी से भीगे स्पंज से शरीर को थपथपाएं। इससे शरीर का तापमान थोड़ा कम हो सकता है।
- बहुत ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें।
- केवल शरीर के खुले हिस्सों को स्पंज करें, जैसे कि माथा, हाथ, और पैर।
- शराब का इस्तेमाल न करें क्योंकि यह वाष्पीकरण को रोकता है और वास्तव में आपको गर्म कर सकता है।
5. हाइड्रेटेड रहना (Stay Hydrated): बुखार के दौरान शरीर से बहुत सारा तरल पदार्थ निकल जाता है। इसलिए, अपने आप को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। तरल पदार्थों का सेवन करें:
- पानी (Water): बुखार के दौरान खूब सारा पानी पीना सबसे अच्छा उपाय है।
- इलेक्ट्रोलाइट युक्त घोल: बुखार के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए, आप नारियल पानी, छाछ या ओआरएस घोल का सेवन कर सकते हैं।
- हर्बल चाय: अदरक, तुलसी या पुदीने की चाय बुखार कम करने और शरीर को आराम देने में मदद करती है।
- शोरबा (Broth): गर्म शोरबा न केवल आपको हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि यह गले को भी शांत करता है।
- नारियल पानी (Coconut Water): नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो खोए हुए खनिजों को वापस लाने में मदद करता है।
- फलों के रस (Fruit Juices): पतला हुआ फल का रस विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हो सकता है। हालांकि, मीठे रसों का सेवन सीमित करें।
6. माथे पर ठंडा सेक लगाएं (Apply Cold Compress to Forehead): ठंडे पानी में भीगे हुए तौलिए या आइस पैक को एक पतले कपड़े में लपेटकर माथे पर लगाने से भी ठंडक मिल सकती है। 20 मिनट के बाद इसे हटा दें और फिर से लगाने से पहले कम से कम 20 मिनट का ब्रेक लें।
7. कमरे का तापमान कम करें (Lower the Room Temperature): आप जिस कमरे में रह रहे हैं उसका तापमान कम रखने की कोशिश करें। इससे शरीर को अतिरिक्त गर्मी पैदा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- एयर कंडीशनर (air conditioner) का तापमान 78°F (25°C) के आसपास सेट करें।
- पंखा चलाएं।
- पर्दे या अंधों को खींचकर सीधी धूप को कमरे में आने से रोकें।
8. गुनगुना स्नान करें (Take a Tepid Bath): कुछ लोगों को लगता है कि ठंडे पानी से नहाना बुखार कम करता है, लेकिन यह वास्तव में उल्टा असर कर सकता है। ठंडा पानी शरीर को तापमान को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है, जिससे बुखार और बढ़ सकता है। इसके बजाय, गुनगुने पानी से स्नान करें।
- पानी का तापमान आपके शरीर के तापमान से थोड़ा ही कम होना चाहिए।
- बहुत देर तक न नहाएं।
- नहाने के बाद अपने शरीर को तौलिए से जोर से न रगड़ें, बल्कि धीरे से थपथपाएं।
9. हल्का और पचने में आसान भोजन खाएं (Eat Light and Easy-to-Digest Foods): भले ही आपको भूख न लगे, फिर भी थोड़ा-बहुत खाना जरूरी है। हल्का और पचने में आसान भोजन लें, जो शरीर को पोषण देने और ऊर्जा प्रदान करने में मदद करेगा।
- खिचड़ी, दलिया (daliya – porridge), या सूप जैसे तरल पदार्थ अच्छे विकल्प हैं।
- फल भी विटामिन और खनिजों का अच्छा स्रोत हो सकते हैं।
- मसालेदार या तैलीय भोजन से बचें।
10. बुखार कम करने वाली दवाओं का सेवन (Taking Fever-Reducing Medication): यदि बुखार असहनीय हो रहा है, तो आप डॉक्टर द्वारा बताई गई बुखार कम करने वाली दवाओं का सेवन कर सकते हैं। आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में शामिल हैं:
- पैरासिटामोल (Paracetamol): यह सबसे आम बुखार कम करने वाली दवा है। यह सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है, खासकर बच्चों के लिए।
- इबुप्रोफेन (Ibuprofen): यह दवा बुखार के साथ-साथ शरीर में होने वाले दर्द और सूजन को भी कम करती है। हालांकि, यह दवा 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए और कुछ लोगों में पेट खराब होने का कारण बन सकती है।
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बुखार कम करने वाली दवाएं (Fever-Reducing Medications)
कुछ मामलों में, डॉक्टर बुखार (Fever) कम करने वाली दवाएं, जिन्हें ज्वरनाशक औषधियां भी कहा जाता है, लिख सकते हैं। ये दवाएं बुखार को कम करने में मदद करती हैं, लेकिन वे संक्रमण का इलाज नहीं करती हैं। आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली बुखार कम करने वाली दवाओं में शामिल हैं:
पैरासिटामोल (Paracetamol): यह सबसे आम बुखार कम करने वाली दवा है। यह सुरक्षित और प्रभावी मानी जाती है, खासकर बच्चों के लिए।
इबुप्रोफेन (Ibuprofen): यह दवा बुखार के साथ-साथ शरीर में होने वाले दर्द और सूजन को भी कम करती है। हालांकि, यह दवा 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए और कुछ लोगों में पेट खराब होने का कारण बन सकती है।
बुखार के दौरान क्या न करें (What to Avoid During Fever)
बुखार (Fever) के दौरान कुछ चीजों से बचना चाहिए:
- अत्यधिक व्यायाम (Excessive Exercise): इससे शरीर का तापमान और बढ़ सकता है।
- शराब का सेवन (Alcohol Consumption): शराब शरीर को निर्जलित कर देती है, जो बुखार को और खराब कर सकती है।
- ज्यादा गर्म कपड़े पहनना (Wearing Heavy Clothes): इससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है।
- अनुचित दवा का सेवन (Taking Unprescribed Medication): बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, खासकर एंटीबायोटिक दवाएं। ये बुखार कम करने में मदद नहीं करती हैं और एंटीबायोटिक प्रतिरोध का खतरा बढ़ा सकती हैं।
बुखार की रोकथाम (Preventing Fever)

कुछ सावधानी बरतकर आप बुखार (Fever) होने के खतरे को कम कर सकते हैं:
- बार-बार हाथ धोएं (Wash Hands Frequently): यह संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।
- भोजन और पानी की स्वच्छता का ध्यान रखें (Maintain Food and Water Hygiene): हमेशा साफ और पका हुआ खाना खाएं। बोतलबंद पानी पीएं, खासकर यात्रा के दौरान।
- पर्याप्त नींद लें (Get Enough Sleep): अच्छी नींद आपकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है।
- तनाव कम करें (Reduce Stress): तनाव आपकी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है। योग, ध्यान (meditation) या गहरी सांस लेने के व्यायाम तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।
- टीकाकरण करवाएं (Get Vaccinated): कुछ संक्रमणों से बचाव के लिए टीकाकरण करवाना जरूरी है।
बुखार से जुड़े मिथक (Myths About Fever)
बुखार (Fever) के बारे में कई गलतफहमियां हैं। आइए, कुछ आम मिथकों को दूर करें:
- मिथक: बुखार हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत होता है।
- वास्तविकता: ज्यादातर मामलों में, बुखार शरीर की संक्रमण से लड़ने की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है।
- मिथक: बुखार को दबाना जरूरी है।
- वास्तविकता: हल्के बुखार को दबाने की जरूरत नहीं है। आप बुखार कम करने वाली दवाओं का इस्तेमाल तभी करें जब आप असहनीय परेशानी महसूस कर रहे हों या डॉक्टर सलाह दें।
- मिथक: बुखार में ठंडे पानी से स्नान करना फायदेमंद होता है।
- वास्तविकता: ठंडे पानी से स्नान करने से शरीर का
निष्कर्ष (Conclusion)
बुखार एक आम शारीरिक प्रतिक्रिया है जो कई अंतर्निहित कारणों से हो सकती है। ज्यादातर मामलों में, यह चिंता का विषय नहीं होता है और कुछ सरल घरेलू उपचारों से बुखार कम किया जा सकता है। हालांकि, तेज बुखार या अन्य गंभीर लक्षणों का अनुभव होने पर डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, अच्छी स्वच्छता बनाए रखें और नियमित व्यायाम करें। इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और आप संक्रमण से बच सकते हैं।
FAQs:
क्या बुखार के दौरान भोजन करना जरूरी है?
हां, भले ही आपको भूख न लगे, फिर भी थोड़ा-बहुत भोजन करना जरूरी है। हल्का और पचने में आसान भोजन लें, जैसे कि खिचड़ी, सूप, या फल। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और वह संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है।
क्या बुखार में एंटीबायोटिक दवाएं लेनी चाहिए?
नहीं, बुखार का कारण आमतौर पर वायरल संक्रमण होता है, जिस पर एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं करती हैं। एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक सेवन एंटीबायोटिक प्रतिरोध की समस्या को बढ़ा सकता है। बुखार के इलाज के लिए डॉक्टर ही आपको सही दवा बताएंगे।
बच्चों को बुखार कम करने के लिए क्या दिया जा सकता है?
बच्चों को बुखार कम करने के लिए पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं दी जा सकती हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न दें। हर बच्चे की अलग खुराक होती है और गलत खुराक देने से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
बुखार में ठंड लगना क्यों होता है?
बुखार के दौरान शरीर का थर्मोस्टेट तापमान को बढ़ाने की कोशिश करता है। जब ऐसा होता है, तो रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और त्वचा ठंडी हो सकती है, जिससे आपको ठंड लगने का अनुभव होता है। जैसे ही शरीर का तापमान बढ़ता है, आपको पसीना आने लगता है।
क्या बुखार के दौरान बाहर निकलना सुरक्षित है?
हल्के बुखार के दौरान घर पर आराम करना सबसे अच्छा होता है। लेकिन अगर आपका बुखार बहुत तेज नहीं है और आप बाहर निकलना चाहते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है। बस इस बात का ध्यान रखें कि आप खुद को ढक कर रखें और धूप में ज्यादा देर न रहें। साथ ही, दूसरों से संपर्क कम से कम करें ताकि आप उन्हें संक्रमित न कर सकें।